जीवन रेखा पर बीमारी के निशान।
यह जानने के लिए सबसे पहले जीवन रेखा को दस हिस्सों में बांट लें। रेखा की मूल आयु 80 वर्ष मानते हुये यह देंखे कि जीवन रेखा पर बने निशान किस आयु रेखा में आ रहे है। (आपकी सहायता के लिए फोटो पर वर्गीकरण किया गया है।) अब एक वर्ग को आठ साल का मानते हुये जीवन रेखा पर चिन्हों का आकंलन करें। अगर जीवन रेखा की शुरूआत में ही द्वीप बने हुये है या जीवन रेखा कटी-फटी है तो मानें कि इंसान बचपन में ही बीमारी व परेशानी का शिकार हुआ है। अगर ऐसा निशान दूसरे वर्ग में है तो इसे आठ से सोलह वर्ष के दौरान परेशानी की निशानी कहेंगें। ऐसा ही आप हर वर्ग को देखते हुए तय कर सकते है कि इंसान को किस वर्ष में परेशानी हुई।
अगर जीवन रेखा पर द्वीप बना है और उस द्वीप को एक रेखा काटकर आपकी हथेली के मध्य स्थान की तरफ बढ़ती है तो यह अत्यधिक बुरा संकेत होता है। जीवन रेखा पर बना द्वीप हमें बताता है कि इस दौरान इंसान को सेहत से जुड़ी परेशानी हुई और अगर रेखा काटती है तो यह दर्शाती है कि बीमारी के कारण उसका कारोबार भी चौपट हो गया। यह हेल्थ और वेल्थ दोनों के लिए बुरा निशान होता है। अगर जीवन रेखा पर कही जाली बनी है तो इसे भी जीवन से जुड़ी परेशानी का निशान कहां जाता है। यह जाली बताती है कि इस दौरान इंसान का जीवन भवर में फंस जायेगा। यह जरूरी है कि किसी भी इंसान की हथेली को पूर्णत: जांचे बिना परेशानी अथवा बीमारी की जानकारी नहीं देनी चाहिए। जब आपको इसका पूर्ण अध्ययन हो जायें तब आप पूछने वाले इंसान को केवल सरल और सिंपल शब्दों में आगाह करें। ऐसा ना हो कि आपके कड़वे शब्दों से ही वो परेशानी आने से पहले ही परेशान हो जाये।