रेखाओं से कैसे आंके उमर
अभी तक ऐसा कोई सिद्वान्त नहीं बना है जिसके आधार पर रेखाओं को देखकर के इंसान की वर्तमान उमर बतायी जा सके। हाथ में या रेखाओं पर ऐसा कोई चिह्न या निशान नहीं होता जिससे यह पता चल सके कि इंसान किस वर्ष में है या अब आयु कितनी हैं परन्तु चमड़ी के रंग, चमड़ी की लचक रेखाओं के स्वभाव हथेली की रूक्षता व सूक्ष्मता का गहन अध्ययन करके बताया जा सकता है कि इंसान कितने वर्ष का हो गया है। इसके कुछ प्रकार है- जैसे युवाओं की चमड़ी सख्त व कसी हुई होती है। हाथ की बनावट भी कसावट लिये रहती है। जैसे-जैसे उमर ढलती है चमड़ी कम चमक वाली भूरी, रूखी होती चली जाती है। एक बात और भी खास है कि चमड़ी की विशेष चमक-दमक 48 वर्ष तक रहती है। जैसे-जैसे उमर ढलती है चमड़ी भी ढ़ीली होने लगती है। मैंने अपने अनुभव में पाया है कि अनेक लोगों की चमड़ी 56 वर्ष के बाद लचक या कसावट छोडने लगती है इसलिए जरूरी है कि हाथ की कसावट व चमड़ी का रंग देखकर आयु के बारे में आकंलन किया जाये। इससे ज्यादा जरूरी है कि आप जिसका भी हाथ देंखे उसी से उसकी उमर के बारे में पूछें और फिर हथेली की कसावट से उमर का आकंलन करें।
अब उमर देखने के लिए हथेली पर अंगूठे के बिल्कुल पास के स्थान शुक्र पर्वत को दबायें अगर ऐसा करने पर आयु रेखा निर्विध्न हो और दबाने पर रेखा रंग ना बदले ऐसा कम-से-कम दो-तीन बार करें। ऐसा करने पर आप पायेंगे कि एक माइक्रोसैकिंड के लिए आयु रेखा पर आपको सफेद धब्बा दिखाई देगा। ययह धब्बा खुद ही आपको उसकी गणना बता देगा लेकिन यह धब्बा देखना बहुत गहनता का काम है इसके लिए बहुत अनुभव की भी जरूरत होती हैँ मैंने अपने 35 वर्ष के अनुभव के दौरान अनेक लोंगों की आयु बतायी है। हां, इसके लिए एक बात और बहुत जरूरी है अगर वो इंसान जिसकी आप हथेली देख रहे हैं वो किसी बीमारी से पीड़ित है तो यह सफेद धब्बा देखना कठिन हो जाता है। इसके लिए जरूरी है कि आप रेखाओं को देखते हुए बीमारी के बारे में जानकारी जुटा लें। समुद्रिक शास्त्र के गहन अध्ययन करने के बावजूद मुझे आज भी ऐसा लगता है कि अगर हस्तरेखा शास्त्र में आयु जानने का सटीक फार्मूला होता तो बड़ी उपलब्धि होती। किसी इंसान की सम्पूर्ण आयु का आकंलन करना हस्तरेखा शास्त्र में अत्यन्त सरल है लेकिन वर्तमान आयु के बारे में बताना उतना ही कठिन।
हथेली में बनी रेखाऐं कुदरत का वह नक्शा है जो इंसान के जीवन के हर रहस्य को उजागर करता है। हथेली की अलग-अलग रेखायें यह बता देती है कि जीवन किस ओर जा रहा हैं। इसके लिए जरूरी है कि हर रेखा के प्रारम्भ को बिन्दुवार अध्ययन किया जायें। यह कहां से शुरू होती है कहां खत्म होती है। पूरी रेखा को बिन्दुओं में बांटकर जीवन के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती हैं।
रेखाओं के द्वारा यह पता लगाया जा सकता है कि इंसान के जीवन में कब क्या होने वाला हैं। इसके लिए जरूरी है कि आप कितनी गहनता से अध्ययन करते है और आपका अनुभव कितना हैं।